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हम भी वैसे ही मिलते है

जैसे रात में सितारे मिलते है जैसे दिन में बादल उड़ते है जैसे परिंदे के जोड़े घर के लिए पेड़ ढूंढते है हम भी वैसे ही मिलते है जैसे नदियाँ सैर पर निकलती है जैसे किरणे पहेली खेलती है जैसे बर्फ पहाड़ो से मिलती है हम भी वैसे ही मिलते है जैसे लहरें आकर पैरों को छूती है जैसे हवा दुप्पटे से लिपटती है जैसे दो सड़के एक रस्ते पे मिलती है हम भी वैसे…

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लेते आना

जब भी आना कुछ बाते, कुछ वादे लेते आनाकुछ अपने शहर की गर्मी, कुछ शर्दी लेते आनायहां अभी भी घूमते है कुछ पराये लोगमैं तुम्हारी और तुम इनके बन जाना जब भी आना कुछ अपने शहर की मिट्टी, कुछ अपने खेत की हरियाली लेते आनाकुछ अपने घर की गूंजती हसी और वो तुलसी भी लेते आनाये आंगन अभी भी सुना हैइठलाऊँगी मैं इसमें और तुम भी सुकून से सो जाना जब भी आना कुछ उस…

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A little younger

If I were a little younger,I could move mountains high,Paint the birds with vibrant hues,Make the flowers touch the sky,If I were a little younger. I could glare at the sun’s bright gleam,Build a castle on the moon’s serene,Sense the time within my grasp,Lift the jungle, break its clasp,If I were a little younger. I could hold the wind within my hand,Draw the stars upon the land,Talk with trees in whispered speech,Fight the bears, their…

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What if

What if I hold it all inside,What if the sun decides to hide,What if the moon shatters its crown—Is it right to let this anger course through my veins? What if summer abandons its heat,What if winter’s chill retreats,What if we’re trapped in an endless, unknown season—Is it not okay to drift along the river of time? What if I couldn’t care less,What if your anger outweighs your regrets,What if we can’t maintain our pretences?…

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मैं और तुम

मैं और तुम बिच में सरहद की दिवार खड़ी है मैं यहां और तुम वहां पे हर बात पे जीकर है तुम्हारा और मेरी हर याद है तुम्हारे साथ जब भी हवा चलती है बादलों को लेकर वहां से असमन में लहरे उमड़ने लगती है यहां पे जब भी बारिश जाती है यहां से फूल ही फूल खिल जाते है वहां पे मेरी भी चिठियों में बाते लिखी होती है वही, जो तुम्हारे लिए भी…

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