poetry

माँ (MOTHER)

तुम छाव भी हो तुम धुप भी हो तुम मेरा घर भी हो तुम मेरी दुनिया भी हो तुम समंदर भी हो तुम किनारा भी हो क्या लिखूं तुम्हारे बारे में अब मैं समझ नहीं आता तुम पूरी शब्दकोषी भी हो तुम ब्रह्माण्ड भी हो तुम खूबसूरती भी हो तुम भगवन का रूप भी हो तुम प्रकृति की तरह हो तुम खुद में ही पूरी प्रकृति हो जहां भी जाऊ मैं पूरी हो कर भी…

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