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माँ (MOTHER)

तुम छाव भी हो तुम धुप भी हो तुम मेरा घर भी हो तुम मेरी दुनिया भी हो तुम समंदर भी हो तुम किनारा भी हो क्या लिखूं तुम्हारे बारे में अब मैं समझ नहीं आता तुम पूरी शब्दकोषी भी हो तुम ब्रह्माण्ड भी हो तुम खूबसूरती भी हो तुम भगवन का रूप भी हो तुम प्रकृति की तरह हो तुम खुद में ही पूरी प्रकृति हो जहां भी जाऊ मैं पूरी हो कर भी…

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शाम

दो वक़्त शाम के साथ कुछ बाते उसकी निगाहों में रह गई और हम उन बातो में खो गए कुछ वक़्त गुजारा जब इस शाम के साथ तो ख्याल भी पानी की तरह बह गए जब हाथ मिलाया उससे तो उसके सुन्दर स्पर्श से हम भी मुलायम मखमली हो लिए उस समय में वो चाय इतनी मीठी क्यों थी यही सोचते – सोचते उसी वक़्त में रह गए उस शाम की अंगड़ाई में ऐसा दिल…

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HOPE

Clouds over the mountains, to see clear I went further towardsthe sky looks like an ocean with wingsI don’t know when it will rainbut one thing I am sure about is that it will clear my thoughtssource of my pain and sorrow will be going to wash awaythe purest form of me will germinate like a tiny seedno, I don’t want to get over with thisFor I want to cherish this moment, pure bliss.

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मंजिल

कौन है अधूरा, मैं या ये रास्ता किसकी हैं ये मंजिल, मेरी या फिर इस रस्ते का ढलती किरणे तो मेरी भी है और उसकी भी तो ये होड़ लगाई किसने इन्हे बाटने की मैंने या फिर इस रास्ते ने मंजिल की प्यास मुझे भी है और उसे भी ये जूनून मेरे अंदर है तो उसके अंदर भी फिर ये कहानी लिखी किसने अकेले चलने की मैंने या फिर इस रास्ते ने |

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Surrealist body

I am a wonder of wonders,With a surreal body, like no other.A fish’s head, a snake’s tongue,Bones of steel, and a hollow skin. Stuck in the city of light,On a beautiful, fairy-like night.Drawn by a beautiful sound,To a dancing lady, so gorgeous and profound. I longed to be a part of that city,Even though we didn’t look alike, it was pretty.They had a human body, a pretty smile,Full from the inside, and alive. I ran…

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To be new

The sun’s crown lifts to be reborn anew,Disappearing into the darkness, it bids adieu.Buds on minor branches pull with all their might,Transforming into a new face, a sight so bright. A little squirrel fights with the branches,Finding a mysterious test, it takes chances.Leaves on the ground create a tornado to soar,Flying out of space, it seeks to explore. An alone boat floats away with the tide,Seeking a new passenger to be its guide.Lost in the…

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समय

मैं ठहरी हुई, ये समय भागता हुआ कैसे इसे पकडू मैं आंखे धुंधली हैं, पैरों में कांटे चुभे हैं ये दर्द कैसे सहुँ मैं दुनिया बोलती है जी लो तुम इस समय में लेकिन कल की फ़िक्र कैसे छोड़ू मैं वो धुंधली सी बाते जाने अनजाने जेहन में घूमती रहती हैं रोज तो रातो को कैसे सोउ मैं कोई नसीहत दे जाता हैं इस समय के इस्तेमाल का लेकिन ये बताता नहीं की इसपे अपनी…

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अब मन नहीं है ( I don’t feel like it anymore )

रहने दू अब ये काम काजअब कुछ करने का मन नहीं हैसो जाऊ पलंग के निचेऊपर धुप बड़ी हैऔर अब जलने का मन नहीं है मन करता है आंखे खोल कर झपकी लेने काअब सपने देखने का मन नहीं हैदेखु भी क्या इनमेये सपने कभी मेरे हुए नहीं है दुनिया खूबसूरत है, बहोत रंगीन हैलेकिन फिर भी इसको अब देखने का मन नहीं हैचाहु भी क्या इससेआखिर ये भी तो उतनी ही मतलबी है रूठ…

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The Days

As days and nights go by,My curiosity seems to die.I’m lost and unsure of what’s left,All I hear is the sound of regret’s heft. Every day, I cover the same distance,But all I see are strangers, their existence.I hope to find what I’m missing,But all I get is darkness, nothing’s kissing. I want to give up,But I can’t say to myself.Neither sun nor moon can I see,Hopeless dreams are my reality. I wish and pray…

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